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देश को भुखमरी और गरीबी से बचाने में पंचायत की अहम भूमिका - गिरिराज सिंह


मनरेगा केवल 100 दिनों के रोजगार के साथ-साथ ग्रामीण युवाओं को रोजगार के लिए कुशल भी बनाएगा। 



केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने सोमवार को एक वर्चुअल मीटिंग रखी जिसमें वे देश के पंचायत प्रमुखों के साथ राज्यों और विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों के प्रतिनिधियों को संबोधित किया नजर आ रहें थे। इस वर्चुअल मीटिंग में ग्रामीण गरीबों के उत्थान के लिए चलाई जा रही योजनाओं के ऊपर भी बात हुई। इन योजनाओं में मनरेगा जैसी योजनाओं की भी बात हुई जिसके ऊपर सात लाख करोड़ रुपए तक खर्च किए जा चुके हैं, जिनमे 15 करोड़ लोगो को रोजगार मिले हैं। देश की गरीबी और भुखमरी खत्म करने की दिशा में यह एक नई पहल है।


भुखमरी के वैश्विक सूची में भारत सबसे नीचे है, इसी में सुधार के लिए स्वतंत्रता के 75वे साल में विशेष अभियान चलाया जाना है। उन्होंने आगे बताते हुए कहा की कोरोना के इस संकट समय में गरीबी रेखा से नीचे 81 करोड़ लोगो को मुफ्त राशन मुहैया कराया जा रहा है। वन नेशन वन राशन जैसी योजनाओं के कारण यह सफल हो पा रहा है। 


समाज के अन्य वंचित वर्ग जैसे विधवाओ और दिव्यांगो को भुखमरी से लड़ने के लिए पेंशन मुहैया कराए जा रहे हैं। आगे की जानकारी देते हुए सिंह ने कहा की मनरेगा केवल 100 दिनों के रोजगार के साथ-साथ ग्रामीण युवाओं को रोजगार के लिए कुशल भी बनाएगा।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में स्वयं सहायता समूह भी काफी कारगर रहा है, जो की गरीबी और भुखमरी को हटाने में बहुत मददगार साबित हुआ है।

दिनभर के चल रहे इस वर्चुअल मीटिंग में इन अभियानों से संबंधित चल रही तैयारियों का जिक्र राज्य के प्रतिनिधियों ने किया।